ITR Filing 2026: हर साल अप्रैल शुरू होते ही लोग इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने की तैयारी शुरू कर देते हैं. जल्दी रिफंड का पैसा पाने के चक्कर में कुछ लोग तो अप्रैल या मई में ही रिटर्न फाइल कर देते हैं. लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स ने बताया है कि इस साल ये गलती नहीं करनी है. 15 जून से पहले ITR भरने में जल्दबाजी करना परेशानी बढ़ा सकता है.

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असल में, कई बार जरूरी टैक्स डॉक्यूमेंट्स और डेटा जून तक पूरी तरह अपडेट ही नहीं होते हैं और इससे पहले अगर कोई ITR फाइल कर देता है, तो बाद में उसे नोटिस, गलत टैक्स कैलकुलेशन और रिवाइज्ड रिटर्न जैसी परेशानी झेलनी पड़ जाती है.

Form 16 और AIS का इंतजार जरूरी

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ITR फाइल करते समय सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स में सबसे पहला नाम तो फॉम्स का ही आता है. इसमें Form 16, AIS और Form 26AS शामिल होते हैं. कई कंपनियां कर्मचारियों को Form 16 जून के दूसरे हफ्ते तक मिलता है. इसी तरह AIS और टैक्स से जुड़ी दूसरी जानकारी भी धीरे-धीरे अपडेट होती रहती है. अगर बिना पूरी जानकारी के रिटर्न फाइल कर दिया जाए, तो इनकम मिसमैच हो जाता है.

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जल्दबाजी में हो सकती हैं ये गलतियां

बहुत सारे लोग सिर्फ सैलरी देखकर ITR भर देते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि बैंक ब्याज, FD इनकम, शेयर मार्केट या दूसरे निवेश की जानकारी छूट गई. अगर कोई इनकम रिपोर्ट नहीं होती और बाद में विभाग के रिकॉर्ड से मैच नहीं करती, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेज सकता है. इसके अलावा कई बार TDS भी पूरी तरह अपडेट नहीं होता. ऐसे में रिफंड कम मिल सकता है या टैक्स ज्यादा दिख सकता है.

15 जून तक क्या बदल जाता है?

टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि जून के मध्य तक ज्यादातर कंपनियां Form 16 जारी कर देती हैं और बैंक भी TDS डेटा अपडेट कर देते हैं. इसके बाद AIS और Form 26AS में जानकारी ज्यादा सही तरीके से दिखाई देने लगती है. यानी 15 जून के बाद ITR भरने पर गलती की संभावना काफी कम हो जाती है.

जल्दी रिफंड के चक्कर में न करें गलती

कई लोग सोचते हैं कि जितना जल्दी आईटीआर भरेंगे उतना जल्दी रिफंड का पैसा मिले जाएगा. ये बात वैसे तो एक तरह से सही भी है, लेकिन गलत जानकारी के साथ फाइलिंग करने पर बाद में रिवाइज्ड रिटर्न भरना पड़ सकता है. जो पैसा आप जल्दी लेना चाह रहे थे, उसका प्रोसेस फिर लंबा हो जाता है और कई बार रिफंड भी अटक जाता है.

ITR भरते समय रखें इन बातों का ध्यान

  • Form 16 और AIS जरूर चेक करें
  • Form 26AS में TDS मैच करें
  • बैंक ब्याज और दूसरी इनकम शामिल करें
  • सही टैक्स रिजीम चुनें
  • जल्दबाजी में गलत जानकारी न भरें

ITR फाइल करना जरूरी है, लेकिन सही तरीके से फाइल करना उससे भी ज्यादा जरूरी है. थोड़ी सी जल्दबाजी करके आप अपना ही काम खराब कर सकते हैं और ये बाद में बड़ी परेशानी बन सकती है. इसलिए इस बार 15 जून के बाद ही ITR फाइल करना ज्यादा सेफ रहेगा